Sri Krsna cuts the rope of karma – Babaji Sri Ramesh Babaji Maharaj

हे नाथ! आप मेरी रक्षा करो !
इस संसार रूपी चक्की में, हर जीव पिस रहा है, कर्मों की रस्सी से बंधा !
ये ऐसी रस्सी है, जो ना तो टूटती है और ना ही दिखाई देती है ,
लेकिन जन्म – जन्मान्तर से बंधे हुए हम चाहे वो रावण हो,
कर्म रस्सी से बंधे नाच रहे हैं !
तुम कब दया करोगे !
तुम्हारी दया से ही ये रस्सी टूटेगी !

हे नाथ!
आप मुझपे कब दया करोगे ! कब मेरी ये रस्सी तोड़ोगे !

हे नाथ!
मैं चौरासी लाख योनियों में घूमता रहा पर कभी भी इस रस्सी को नहीं तोड़ पाया !
कभी मैं पशु बना, तो कभी पेड़ बना !
मैं सब कुछ भूल गया कि मैंने कितना कष्ट पाके मनुष्य जीवन पाया !

हे नाथ!
आप मेरे पे दया करो और मुझे इस सबसे बचाओ !
हे नाथ!, हे पापनाशन! बताइये, मैं किस पापी से कम हूँ !
सभी दुराचारियों में , मैं आगे हूँ !
कौन सा पाप है, जो अभी तक मैंने नहीं किया !
आप बताएं , मैं वो भी पाप कर डालूँ !
आप मेरी गल्तियों व पापों को अपने पल्ले बांध कर क्रोध मत करना !

हे नाथ आप न्याय कीजिए !
मैं पापी हूँ और आप पतित पावन हैं !
पतित- पावन की कृपा, पतित को मिलनी ही चाहिए ये ही न्याय है !

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