Sri Krsna is our mother

Gita Press, Gorakhpur
जैसे माँ बालककी चिन्ता करें,न करें इससे बालक को क्या मतलब ! वह आप ही चिंता करती है बालककी;क्योंकि बालक उसका अपना है। ऐसे ही भगवान्‌ हमारी माँ है बस, वह हमारी माँ है और हमें न कुछ करना है,न जानना है;किन्तु हरदम मस्त रहना है।माँ की गोदीमें खेलता रहे,हँसता रहे,खुश होता रहे।क्यों खुश होता रहे कि इससे माँ खुश होती है,राजी होती है।माँकी राजीके लिये ही हम रहते हैं,खेलते हैं और काम भी माँकी राजीके लिए ही करते हैं।-Swami Ramsukhdasji

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