Why Sri Krsna is Shyam sundar / blackish complexion…and Lord Ramchandra Bluish complexion, Nila varna

राम नवमी के दिन श्रीराम का जन्म हुआ था।

ग्रंथों के अनुसार भगवान श्रीराम नीले रंग के थे वहीं शास्त्रों में श्रीकृष्ण को काले रंग का बताया है।

यह सुनकर अक्सर हमारे मन मेंयह सवाल उठता है कि हमारे भगवानों के रंग- रूप इतने अलग क्योंहैं।

भगवान कृष्ण का काला रंग तो फिर भी समझ में आता है लेकिन भगवान राम को नील वर्ण भी कहा जाता है।

क्या वाकई भगवान राम नीले रंग के थे,
किसी इंसान का नीला रंग कैसे हो सकता है?

वहीं काले रंग के कृष्ण इतने आकर्षक कैसे थे?

इन भगवानों के रंग-रूप के पीछे क्या रहस्य है।

राम के नीले वर्ण और कृष्ण के काले रंग के पीछे एक दार्शनिक रहस्य है।

भगवानों का यह रंग उनके व्यक्तित्व को दर्शाते हैं।

दरअसल इसके पीछे भाव है कि भगवान का व्यक्तित्व अनंत है।
उसकी कोई सीमा नहीं है,
वे अनंत है।

ये अनंतता का भाव हमें आकाश से मिलता है।
आकाश की कोई सीमा नहीं है।
वह अंतहीन है।

राम और कृष्ण के रंग इसी आकाश की अनंतता के प्रतीक हैं।

राम का जन्म दिन में हुआ था।
दिन के समय का आकाश का रंग नीला होता है।

इसी तरह कृष्ण का जन्म आधी रात के समय हुआ था और रात के समय आकाश का रंग काला प्रतीत होता है।

दोनों ही परिस्थितियों में भगवान को हमारे ऋषि- मुनियों और विद्वानों ने आकाश के रंग से प्रतीकात्मक तरीके से दर्शाने के लिए काले और नीले रंग का बताया है।

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